
चारधाम यात्रा से पहले Kedarnath Temple जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार बड़ी राहत की खबर है। प्रशासन ने ‘नो रूम’ की समस्या को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है, जिसके तहत करीब 25 हजार यात्रियों के नाइट स्टे का इंतजाम किया गया है।
धाम के कपाट खुलने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। खास बात यह है कि इस बार सिर्फ केदारनाथ धाम ही नहीं, बल्कि पूरे पैदल मार्ग पर भी ठहरने की बेहतर व्यवस्था की जा रही है, ताकि यात्रियों को कहीं भी भटकना न पड़े।
जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी और बड़ी लिनचोली जैसे प्रमुख पड़ावों पर कॉटेज और टेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। Garhwal Mandal Vikas Nigam के स्थायी कॉटेज में करीब 6 से 7 हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, GMVN द्वारा पूरे रूट और धाम क्षेत्र में लगभग 1000 टेंट लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब 6 हजार श्रद्धालु रात में रुक सकेंगे। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह व्यवस्था और मजबूत की गई है।
इस बार की प्लानिंग का मकसद साफ है—यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बिना परेशानी के दर्शन कराना। बेहतर नाइट स्टे की सुविधा मिलने से चारधाम यात्रा और भी सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

