संगरिया – कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार की सुपुत्री डॉ. मुस्कान का विवाह मंडी आदमपुर निवासी स्वर्गीय डॉ. भले सिंह के सुपुत्र डॉ. वतन के साथ हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह समारोह में जहां पारिवारिक खुशियों का माहौल रहा, वहीं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश भी देखने को मिला।

विवाह के अवसर पर लगाया अमरूद का पौधा
विवाह के अवसर पर नवदंपति डॉ. वतन और डॉ. मुस्कान ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में अमरूद का पौधा लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान दोनों ने यह भी घोषणा की कि वे अपनी शादी की प्रत्येक वर्षगांठ पर एक पौधा अवश्य लगाएंगे और कम से कम दो वर्षों तक उसकी देखभाल भी करेंगे।
दहेज के खिलाफ दिया सामाजिक संदेश
डॉ. वतन के चाचा जयवीर सिंह ने बताया कि परिवार ने विवाह में सादगी और सामाजिक संदेश को प्राथमिकता दी। दहेज प्रथा के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दूल्हा पक्ष ने मात्र नारियल और एक रुपये को ही प्रतीकात्मक दहेज के रूप में स्वीकार किया।
मेहमानों को दिए पौधे, दिया हरियाली का संदेश
डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि विवाह समारोह को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बारात में आए अतिथियों को जामुन, अमरूद, गेंदा और सहजन के पौधे उपहार स्वरूप भेंट किए गए, ताकि वे भी अपने घरों और आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सकें।
इस अनूठी पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। समारोह में आए अतिथियों ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचाते हैं।
इस अवसर पर परिवारजन, रिश्तेदारों और गणमान्य लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

