राज्यसभा सांसद Raghav Chadha और Aam Aadmi Party के बीच चल रहे विवाद ने पार्टी के अंदरूनी हालात को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने के बाद पार्टी की ओर से उनके बोलने के अधिकार तक सीमित करने की बात सामने आई है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

हालांकि राघव चड्ढा ऐसे पहले नेता नहीं हैं, जो पार्टी के भीतर मतभेदों का सामना कर रहे हों। AAP की स्थापना के बाद से अब तक करीब 30 बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं या बाहर किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 15 नेता पंजाब से हैं, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है।
पंजाब से पार्टी छोड़ने वाले प्रमुख नामों में Sucha Singh Chhotepur, H. S. Phoolka और Gurpreet Ghuggi शामिल हैं। इसके अलावा सांसद Dharamvira Gandhi और Harjit Singh Khalsa को भी पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है।
इतना ही नहीं, पंजाब में कई विधायक भी या तो पार्टी से निकाले गए या उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया। Sukhpal Singh Khaira और एचएस फूलका जैसे नेता विधानसभा में अहम पदों पर रहते हुए भी पार्टी से अलग हो गए थे।
यह घटनाक्रम AAP के लिए संगठनात्मक चुनौती की ओर इशारा करता है, खासकर पंजाब जैसे अहम राज्य में। वहीं, राघव चड्ढा को लेकर जारी विवाद ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को और उजागर कर दिया है।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि क्या राघव चड्ढा पार्टी में बने रहते हैं या भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हैं।

