करीब 8 साल बाद American Heart Association और American College of Cardiology ने कोलेस्ट्रॉल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जो दिल की सेहत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

क्या बदला नई गाइडलाइन में?
नई गाइडलाइन के मुताबिक “खराब कोलेस्ट्रॉल” यानी LDL को 100 mg/dL से नीचे रखना जरूरी है। पहले इसे लेकर मानक थोड़े ढीले थे, लेकिन अब जोखिम को कम करने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है।
कब से कराएं टेस्ट?
अब सलाह दी गई है कि 20 साल की उम्र से ही नियमित कोलेस्ट्रॉल टेस्ट शुरू कर देना चाहिए।
- सामान्य लोगों के लिए हर 4–6 साल में टेस्ट
- हाई रिस्क वालों के लिए इससे ज्यादा बार
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
World Heart Federation के अनुसार, दुनियाभर में हर साल 2 करोड़ से ज्यादा मौतें कार्डियोवस्कुलर डिजीज से होती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल इसका प्रमुख कारण है, जो दिल की धमनियों में ब्लॉकेज पैदा करता है।
किन बातों पर देना होगा ध्यान?
- डाइट: तला-भुना और ट्रांस फैट कम करें, फल-सब्जियां बढ़ाएं
- एक्सरसाइज: रोज कम से कम 30 मिनट एक्टिव रहें
- वजन नियंत्रण: मोटापा LDL बढ़ाता है
- स्मोकिंग/अल्कोहल: जितना हो सके बचें
खास बात
नई गाइडलाइन सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि रोकथाम (Prevention) पर ज्यादा जोर देती है। यानी कम उम्र से ही ध्यान रखने पर हार्ट डिजीज का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

